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    सुनने में अक्षम छात्रों के लिए सांकेतिक भाषा में होंगी पाठ्य पुस्तकें, मंत्रालय कर रहा इस पर काम | Ministry of Education: Text Books in Sign Language for Hearing Impaired Students across the Country



    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश भर के सुनने में अक्षम छात्रों के लिए शिक्षा मंत्रालय सांकेतिक भाषा पर काम कर रहा है। इस पहल के तहत भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र, सांकेतिक भाषा में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें विकसित कर रहा है। साथ ही, ऐसे छात्रों के लिए 10,000 शब्दों की आईएसएल डिक्शनरी भी तैयार की गई है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पैरा नबंर 4.22 में देश भर में भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) के मानकीकरण और सुनने में अक्षम छात्रों द्वारा उपयोग के लिए राष्ट्रीय और राज्य पाठ्यक्रम सामग्री के विकास की सिफारिश की गई है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (आईएसएलआरटीसी) के साथ भारतीय सांकेतिक भाषा में एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक आधारित वीडियो विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    वहीं आईएसएलआरटीसी ने 10,000 शब्दों वाली डिक्शनरी तैयार और लॉन्च की हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक वीडियो प्रारूप में आईएसएल डिक्शनरी की व्यापक पहुंच और प्रसार के लिए यह शब्दकोश दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध है। एनसीईआरटी वीडियो में ऑडियो और उपशीर्षक एम्बेड करके इस डिक्शनरी को मजबूत कर रहा है।

    ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि 10,000 शब्दों की डिक्शनरी की पहुंच केवल सुनने में अक्षम छात्रों तक ही सीमित न रहे। इसके अलावा, एनसीईआरटी आईएसएलआरटीसी के साथ मिलकर 10,000 शब्दों के मौजूदा आईएसएल डिक्शनरी में स्कूली पाठ्यक्रम पर आधारित नए नियम और शब्द जोड़े जा रहे हैं। शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी के मुताबिक अब तक, एनसीईआरटी ने कक्षा एक से छह तक 800 से अधिक आईएसएल वीडियो विकसित किए हैं। इन्हें सुनने में अक्षम (एचआई) छात्रों के उपयोग के लिए दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इन वीडियो को पीएम ईविद्या (वन क्लास, वन चैनल), डीटीएच टीवी चैनलों के माध्यम से भी नियमित रूप से प्रसारित किया जा रहा है ताकि इन ई-सामग्री की सुसंगत पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

    वहीं शिक्षा मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति के तहत ऑडियो और टॉकिंग बुक्स योजना विकसित करने का भी निर्णय किया है। दरअसल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी शिक्षा में प्रौद्योगिकी की भूमिका का उल्लेख किया गया है। इसके अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक की एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों से अब तक 3211 ऑडियो बुक चैप्टर को ऑडियो, टॉकिंग बुक्स के रूप में विकसित किया गया है और व्यापक प्रसार के लिए दीक्षा पोर्टल पर मुफ्त में अपलोड किया गया है। इसके अलावा, ऑडियो सामग्री 230 ऑडियो स्टेशनों (ज्ञानवाणी एफएम स्टेशन – 18, सामुदायिक अनुपात स्टेशन – 80, अखिल भारतीय रेडियो स्टेशन – 132 और इंटरनेट रेडियो) पर भी उपलब्ध है।

    (आईएएनएस)



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